लड़कियों का खतना एक अजीब रिबाज क्या है ये जाने

आज तक जो रिवाज पुरूषो के लिए सुना जा रहा था वही रिवाज़ अब महिलाओं के लिए भी लागु होता चला जा रहा है, जिसके चलते महिलाओं और कम उम्र की बच्चियों को कई परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। आपको बता दें मुस्लिम धर्म के हिसाब से ब्रिटेन में महिलाओं का खतना किया जाता है, जो की आज से नहीं कई सालों से चलता चला आ रहा है जिसके चलते देश में हर साल 20 हजार लड़कियों को खतने का सामना करना पड़ता है। 
आपको बता दें इन लड़कियों की उम्र 15 साल से कम होती है। चौकाने की बात तो ये है की इससे जुड़ा अपराध बेहद निजी किस्म का है। महिलाओं का खतना होना सांस्कृतिक रिवायत का हिस्सा है।
इसका ज्यादा से ज्यादा चलन अफ्रीका, मध्य पूर्व और एशिया में होता है सबसे एहम बात तो यह है की इस रिवाज को परिवार के सम्मान से जोड़कर देखा जाता है, ब्रिटेन में दुनिया के इन इलाकों से आए पहली या दूसरी पीढ़ी के प्रवासियों में इसका खतरा सबसे ज्यादा है, कई बार खतने के बाद भी लड़कियों को इसका दर्द तह उम्र झेलना पड़ता है। 
आपको बता दें कि खतने के मामले दर्ज हुए मुकदमे में डॉक्टर को रिहा कर दिया गया है जिसने खतने के रिवाज को बढ़ावा देने का काम शुरू कर दिया, यूं तो पिछले कई वर्ष खतने के मुकदमे दर्ज हुए है पर हल एक भी मुकदमे का नहीं निकला जिसके चलते खतने का डर और फैल गया। जिस डॉक्टर पर खतने का आरोप लगाया गया था उन्होंने कुछ वक्त पहले ही नवजात शिशु को जन्म दिया था, हालांकि कानूनी वजहों से उस महिला का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। 
सोमालिया में जब वे छोटी थीं तभी वे खतने की प्रक्रिया से गुज़र चुकी थीं, बच्चे के जन्म के बाद डॉक्टर धर्मसेना ने महिला के जननांग से रक्तस्त्राव रोकने के लिए उनकी सर्जरी की थी जिससे डॉक्टर को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। हालांकि पिछले कुछ वर्षो से लोगो में जागरूकता बढ़ी हैं। 

Comments