भारत में ऐसी जगह जहां पर लड़की को पहले मासिक धर्म पर मनाया जाता है उत्सब

भारत देश में महिलाओं के मासिक धर्म के बारे में खुलकर चर्चा नहीं की जाती है जो की लज्जापद माना जाता है। लेकिन समय के बदलने के साथ इस विषय को लेकर हमारे समाज के लोग धीरे-धीरे जागरुता बढ़ रही हैं। लेकिन दक्षिण भारत आंध्रप्रदेश में किसी लड़की का पहला मासिक धर्म आने पर इस दिन को उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस उत्सव में घर की महिलाएं खुश होकर नृत्य करती हैं और पारंपरिक तरीके से पकवान बनाए जाते हैं।

जिस लड़की को पहला मासिक धर्म हुआ है। पहले दिन उसे तेल और हल्दी लगाते है। उसके बाद स्नान करवाया जाता है और नए वस्त्र पहनाए जाते हैं। लड़की को वस्त्र में साड़ी पहनाई जाती है। साड़ी में किशोरी को परिपक्व महिला की पहचान का संकेत करता है।
लड़की को मासिक धर्म शुरू हो जाने के बाद लड़की एक परिपक्व महिला बन जाती है और इसलिए इसे एक लघु विवाह की तरह खुशियों के साथ मनाया जाता है।
जापान में स्त्री तथा पुरुष दोनों की किशोरावस्था को 'सेजिन उत्सव' के रूप में मनाया जाता है। श्रीलंका में किशोर लड़कियों की यौवनावस्था को शानशौकत से मनाया जाता है और लड़कियों को नए कपड़े और पारंपरिक खाना खिलाया जाता है।
भारत के कोब्रा समुदाय में भी अप्रैल महीने में यौवन उत्सव को ‘डिपो’ के नाम से त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। इसमें किशोरियों को सजाया जाता है और उनके सिर के कुछ हिस्से का मुंडन किया जाता है और उसके बाद स्नान करवाया जाता है।

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